लोखंडवाला...हाशिये पर
रजिस्टर के फटे पन्ने सरीखी
लंबी सड़क के किनारे
लाल लक़ीर से बने हाशिये जैसा
फुटपाथ है...
पन्ने पर लिखने वाले
हाशिया छोड़ देते हैं
क्योंकि,
हाशिया लिखने के लिए नहीं,
सिर्फ़ रिमार्क के लिए है
या फिर,
दस्तख़त के नीचे तारीख़ डालने के लिए।
पर इस सड़क के हाशिये पर बने
इस फुटपाथ पर
ये दस्तख़त किसके हैं?
तारीख़ कौन-सी है??
और
रिमार्क???
लोखंडवाला में
एक घने, छायादार
पेड़ के नीचे
घर है , उसका,
छोटा-सा...
दीवारें न भी हों तो क्या!
सवेरे देखती हूँ उसे
तरकारी काटते, या दाल छौंकते...
सूखी लकड़ियाँ जाने कहाँ से
बीनती है वह!
धौंकता है उसका चूल्हा, और
छौंक से छींकती है वह...
एक मुस्कुराहट से मुड़कर देखती है
कोई और भी छींका क्या?
लाल रेलिंग पर बँधी मच्छरदानी है
जिसके भीतर उसका 'घरवाला'
खर्राटे भर रहा है,
जवान होते छोकरे ऊँघ रहे हैं...
वह चौका निपटा रही है
इससे पहले कि उसकी रसोई को
रंग-बिरंगे चप्पल-जूतों की चापें भर जायेे।
पेड़ संभाले खड़ा है
उसकी पूरी गृहस्थी को
किचन कॅबिनेट की तरह
लटकते रंगीन पाॅलिथीन के झोले,
टहनी पर वाॅर्डरोब की तरह टँगे
साड़ी, पेटिकोट,कुछ जालीदार बनियाने...
कल मेहमान भी आये थे दो,
रेलिंग के नीचे की रंगीन ईंटों पर
उन्हें बिठाकर वह
चूल्हे के किनारेे दीवार से सटी बैैठी,
कितने जोड़ी पैर गुज़रते रहे दरम्यान
पर वह बतियाती चाय छानती रही...
दिनभर ज़िंदगी की छलनी से गिरा देती है
वह ऐसे अनगिनत पदचापों को....
याद रह जाती है फिर भी कोई
ऊँची एड़ी की सॅन्डिल या नाइकी का जूता
जिसके लिए चाय की प्यालियाँ
पीछे सरकायी थी उसने।
पेड़ के पीछे की इमारत को तोड़ा जा रहा है
नीले-हरे पर्दों से ढाँपकर
बीस मंजिला टाॅवर की तस्वीर लगी है
रीडेवलपमेंट की तख़्ती के साथ...
बीती रात बहुत बरसा था पानी
रातोरात खाली कर दिया उसने घर...
तख़्ती गिरकर पेड़ से लटक गयी
अब हाशिये पर
रीडेवलपमेंट का रिमार्क लगा हैै...!!
© भारती बब्बर
Heart touching narrative...truthful and meaningful. Keep it up Bharati✌️
ReplyDeleteThanks🌹
DeleteOhhhhh!ऐसे कितने ही आशियाने हैं ज़िंदगी के हाशिये पर😢ऐसे ही एक हाशिये को अपने पन्ने पर बसाने का सुंदर प्रयास👌जारी रखना क़लम का यह सफ़र👍
ReplyDeleteधन्यवाद.... 🙏वैसे तेरी टिप्पणी भी किसी कविता से कम नहीं, नीना😊
DeleteSo simple and beautifully narrated. Difficult to tie in words. Just Beautiful.
ReplyDeletePrabhat
Thanks a lot🌹
DeleteVery true, and with your unmistakable touch.
ReplyDeleteThanks a lot❤
Deleteकितना अच्छा लिखती हो हमेशा। कितना मार्मिक है। अति सुंदर।
ReplyDeleteधन्यवाद 🙏
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