Posts

Showing posts from May, 2021

हमसफ़र मेरे हमसफ़र

यात्रा.... जीवन की एक शब्द में दी जाने वाली परिभाषा। किंतु प्रेम के अनबूझे ढ़ाई अक्षरों  की तरह यह शब्द भी मुझे गूढ़ और रोमांचक लगता है। यह जीवन हमारी चिरंतन यात्रा का एक भाग है ही, इस जीवन यात्रा में होने वाली अनेकानेक भौतिक यात्राओं के अनुभव उनकी स्मृतियों को चिरंतन बना देते हैं।मेरे वे अनुभव एकाकी नहीं हैं, उसमें एक बड़ा समावेश मेरे उन सह यात्रियों का  है जो किसी निजी परिचय के अभाव में भी मेरे जीवन का हिस्सा बन गये। यात्रा करना मेरे जीवन का अविभाज्य अंग रहा है और मुझे यात्रा के दौरान गंतव्य की प्रतीक्षा कभी नहीं रही। कहीं पहुँचने की जल्दी या प्रतीक्षा यात्रा के आनंद और महत्त्व दोनों को घटा देती है।यात्रा की महत्ता उसकी निरंतरता में ही है। इस प्रक्रिया में यात्रा का परिवेश अत्यधिक प्रभावी होता है क्योंकि जीवन यात्रा के उस कालखंड की अमरता उस पर ही निर्भर है। यही कारण है कि जब भी किसी यात्रा का अनुभव याद करुँ तो जैसे वह मन में सजीव हो उठता है। लेकिन कभी-कभी उसकी याद सिर्फ उस सहयात्री के कारण भी रह जाती है जिसका परिचय इतना ही रहा कि उस यात्रा में वह साझेदार रहा है। मेरी स्मृति...